ISM 2.0 & Sovereign AI IP: क्या है भारत का अपना एआई ‘Master Plan’? बजट 2026 का विस्तृत विश्लेषण
कल संसद में पेश हुए बजट 2026 में ISM 2.0 की घोषणा ने भारत को केवल एक मैन्युफैक्चरिंग हब से ऊपर उठाकर एक “Structural Global Player” की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। सरकार का लक्ष्य अब केवल विदेशी चिप्स को भारत में असेंबल करना नहीं, बल्कि भारत की अपनी बौद्धिक संपदा (Indian IP) तैयार करना है।
ISM 2.0 क्या है? (The Evolution from Fabs to Ecosystem)
ISM 1.0 (₹76,000 करोड़) का ध्यान केवल बड़े चिप कारखाने (Fabs) लगाने पर था। लेकिन ISM 2.0 का दायरा बहुत बड़ा है:
- Expanded Outlay: बजट 2026 में इसके लिए ₹1.76 लाख करोड़ ($20 बिलियन) का कुल प्रावधान किया गया है।
- Beyond Fabs: अब सरकार उन मशीनों (Capital Equipment) और रसायनों (Specialty Chemicals/Gases) के निर्माण पर भी सब्सिडी देगी जो चिप बनाने के लिए जरूरी हैं।
- Design Linked Incentive (DLI): चिप डिजाइन करने वाले स्टार्टअप्स के लिए फंड को 233% बढ़ाकर ₹5,000 करोड़ कर दिया गया है।
Sovereign AI IP: भारत का अपना ‘डिजिटल किला’
Sovereign AI का अर्थ है—”भारत का डेटा, भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर और भारत का अपना एआई मॉडल।”
यह कैसे काम करता है?
- Full-Stack Indian IP: सरकार भारतीय इंजीनियरों को ऐसे ‘ब्लूप्रिंट’ (IP Cores) बनाने के लिए प्रेरित कर रही है जिनका स्वामित्व भारत के पास हो। उदाहरण के लिए, इसरो (ISRO) का ‘Vikram Processor’।
- Data Sovereignty: एआई मॉडल्स को भारतीय भाषाओं और संस्कृति पर ट्रेन किया जाएगा (जैसे भारत-VISTAAR), ताकि वे विदेशी मॉडल्स की तरह पक्षपाती (Biased) न हों।
- Local Compute: एआई के लिए जरूरी GPU पावर अब भारत के अपने डेटा सेंटर्स में उपलब्ध होगी।
इसके 5 बड़े फायदे (Strategic Benefits)
| फायदा | विवरण |
| National Security | रक्षा और संचार के लिए उपयोग होने वाली चिप्स में ‘Backdoor’ या जासूसी का खतरा खत्म होगा। |
| Cost Reduction | स्थानीय स्तर पर चिप डिजाइन और आईपी होने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमत 20-30% कम हो सकती है। |
| Job Creation | केवल लेबर नहीं, बल्कि ‘High-End’ रिसर्च और डिजाइनिंग में लाखों नौकरियां पैदा होंगी। |
| Export Power | भारत अब दुनिया को ‘Made in India’ चिप डिजाइन और एआई टूल्स बेच सकेगा। |
| Supply Chain Resilience | वैश्विक संकट (जैसे युद्ध या महामारी) के समय भारत की टेक सप्लाई नहीं रुकेगी। |
FAQ: आपके मन के सवाल
Q1. क्या ISM 2.0 से मोबाइल और लैपटॉप सस्ते होंगे?
Ans: लंबी अवधि में, हाँ। जब कंपोनेंट्स और चिप डिजाइन भारत का होगा, तो आयात शुल्क (Import Duty) और लॉजिस्टिक्स लागत कम हो जाएगी।
Q2. Sovereign AI IP का आम आदमी को क्या फायदा?
Ans: आपके डेटा की सुरक्षा बढ़ेगी। विदेशी कंपनियां आपके डेटा का उपयोग अपने एआई को ट्रेन करने के लिए नहीं कर पाएंगी। साथ ही, सरकारी सेवाएं (जैसे कृषि सलाह) आपकी अपनी भाषा में और अधिक सटीक होंगी।
2047 की ओर एक साहसी कदम
ISM 2.0 केवल एक योजना नहीं, बल्कि यह ‘विकसित भारत @2047’ की डिजिटल नींव है। भारत अब दुनिया को दिखा रहा है कि वह केवल सॉफ्टवेयर कोड नहीं लिख सकता, बल्कि वह ‘सिलिकॉन’ और ‘इंटेलिजेंस’ का मालिक भी बन सकता है।
