बजट 2026 की सबसे बड़ी घोषणा: भारत बनेगा ‘Global AI Hub’, क्लाउड सर्विस पर 2047 तक कोई टैक्स नहीं!
1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री ने भारत को Global AI Infrastructure Hub बनाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा दांव खेला है। विदेशी क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स को 2047 तक टैक्स से मुक्ति देने का फैसला यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य का सारा एआई डेटा भारत की सीमाओं के भीतर प्रोसेस हो।
क्लाउड कंपनियों के लिए 2047 तक ‘Tax Holiday’ क्या है?
सरकार ने घोषणा की है कि जो भी विदेशी कंपनी भारत के डेटा सेंटर्स का उपयोग करके वैश्विक स्तर पर क्लाउड सेवाएं प्रदान करेगी, उसे 2047 तक कोई कॉर्पोरेट टैक्स नहीं देना होगा।
- शर्त: भारतीय ग्राहकों को सेवाएं एक भारतीय ‘रीसेलर’ इकाई के माध्यम से देनी होंगी।
- Safe Harbour: संबंधित संस्थाओं (Related entities) के लिए 15% का ‘सेफ हार्बर’ मार्जिन भी प्रस्तावित किया गया है, जिससे टैक्स विवाद (Tax disputes) कम होंगे।
एआई के लिए डेटा सेंटर क्यों जरूरी हैं? (The Infrastructure Layer)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भारी मात्रा में ‘कंप्यूटिंग पावर’ की जरूरत होती है।
- GPU Clusters: नए डेटा सेंटर्स में NVIDIA जैसे एडवांस चिप्स के क्लस्टर्स होंगे जो ‘Generative AI’ को ट्रेन करने के लिए आवश्यक हैं।
- Sovereign AI: भारत का अपना डेटा भारत में ही रहने से डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
- Edge Computing: बजट 2026 में टियर-2 और टियर-3 शहरों में छोटे एआई डेटा सेंटर्स बनाने के लिए भी इंसेंटिव्स दिए गए हैं।
भारत के लिए इसके 3 बड़े फायदे
- $90 Billion Investment: आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले से ही करीब $70 बिलियन का निवेश चल रहा है, जो अब $90 बिलियन के पार जाने की उम्मीद है।
- Lower AI Costs: जब डेटा सेंटर भारत में होंगे, तो भारतीय स्टार्टअप्स के लिए क्लाउड और एआई एपीआई (API) की कीमतें 30% तक कम हो सकती हैं।
- Job Creation: डेटा सेंटर मैनेजमेंट, एआई ट्रेनिंग और साइबर सिक्योरिटी में लाखों नई ‘High-Skilled’ नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।
FAQ: क्लाउड और एआई पर आपके सवाल
Q1. क्या इससे क्लाउड स्टोरेज सस्ता होगा? Ans: हाँ, लोकल डेटा सेंटर्स होने से लेटेंसी (Latency) कम होगी और विदेशी कंपनियों की ऑपरेशनल लागत घटेगी, जिसका फायदा एंड-यूजर को कम कीमतों के रूप में मिल सकता है।
Q2. ‘Safe Harbour’ प्रावधान क्या है? Ans: यह एक नियम है जो आईटी कंपनियों को टैक्स अधिकारियों के साथ लंबी कानूनी लड़ाई से बचाता है, अगर वे सरकार द्वारा तय किए गए लाभ मार्जिन (15.5%) का पालन करती हैं।
डिजिटल भारत’ से ‘इंटेलिजेंट भारत’ तक
बजट 2026 यह सुनिश्चित करता है कि भारत केवल एआई का ‘यूजर’ नहीं बल्कि ‘प्रोड्यूसर’ बनेगा। 2047 का विजन भारत को एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में अमेरिका और चीन के बराबर खड़ा करने की तैयारी है।
